Poetry

इक दूजे में गुम By Anupam Mithas

आओ हो जाएँ इक दूजे में गुम।
हमें तुम ढूँढो तुम्हें ढूँढे हम।
प्यार हमारा रुसवा ना हो जाए
देखो साथ कभी ना छोड़ना तुम।

आयो चले साथ साथ बनके हमक़दम,
गिरने लगे हम तो हाथ थाम लेना तुम।
हमारा तुम्हारा प्यार ऐसा
जैसे फूल में ख़ुशबू है गुम।

दिल की धड़कन में
बस जायो ऐसे तुम।
जैसे सागर में लहरें हैं गुम
साथ हमारा तुम्हारा,
जैसे चाँद में चाँदनी है गुम।

जो बिछड़े कभी तुम से हम,
जी ना पाएँगे फिर तुम बिन हम।
यही सच है सुनो मेरे हमदम,
साँस मेरी तुममें ऐसे है गुम।

🖋अनुपम🖋
आभार साहित्यम 🌺

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Enter Captcha Here : *

Reload Image

Close