Poetry

हम तो तेरे सहारे बैठे हैं By Ashish Prakash

Know Ashish

हम तो तेरे सहारे बैठे हैं
नाम तेरा पुकारे बैठे हैं

लहरें यादों की तेज़ आतीं हैं
भीगने को किनारे बैठें हैं

आँख की ज़िद है देखने की तुम्हें
हम तो उम्मीद हारे बैठें हैं

तुमने जो जो सवाल पूछे थे
राह तकते वो सारे बैठें हैं

यूँ तो मीठा था पानी दरिया का
हम ही ले अश्क़ खारे बैठे हैं

-ashish prakash

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Enter Captcha Here : *

Reload Image

Close