Poetry

मुझसे बिछड़के क्या मिला तुमको By Dinesh Kumavat

मुझसे बिछड़के क्या मिला तुमको
दिल दुखाकर अच्छा लगा तुमको

एक लफ्ज जिसे रिश्ता कहते है
निभाना आता है क्या तुमको

गिनाती रही मेरी कमिया तुम
नहीं दिखी मुझमे वफा तुमको

बस खुद से मतलब है तुम्हे
किसी की फिक्र कहां तुमको

यूं नींद छीनकर हर किसी की
नींद आ जाती है क्या तुमको

-दिनेश कुमावत
जयपुर

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